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बेखबर हो गई तुम

Dn Chaubey

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अbब बेखबर हो गई तुम, मेरी जरूरत तक महसूस नहीं करती तुम,
        
                                                    
                            
कभी बहुत बातें किया करती थी तुम, मुझ से,
ऐसा भी क्या हुआ, अब खैरियत तक नहीं पूछती तुम,
मिल जाए निजात मजबूरियों से,तो मिल लेना अंतिम बार,
2 महीने पहले
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