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आंखों में अजीब सा नूर है

Dn Chaubey

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            तेरी नशीली आंखों में अजीब सा एक नूर का झंकार है,
        
                                                    
                            
तुम्हारी सूरत मुझे गुलाब सा खिलता हुआ गुलनार लगता है,
तेरे हुस्न की तारीफ में आखिर क्या बयान करूं मैं,
तेरी सूरत एक सूरत नहीं है बल्कि खुदा का तौहफा है,
2 महीने पहले
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