तेरा_मेरा मिलना, तो तय है,
पर मिलन में थोड़ा समय है.
जीते_जी, हम, होगे न जुदा,
हम तो एक दूजे में विलय है.
कोई मन में झांके तो जाने,
एक दूजे से जुड़े ये हृदय है.
मै तुमसे, दूर चला जाऊंगा,
तेरे मन में, क्यों ये संशय है.
तेरे साथ ही सुकूं मिलता है,
संग तेरा बड़ा ही सुखमय है.
तेरा हाथ है मेरे इन हाथों में,
दुखों का अब न कोई भय है.
-धीरज साहू, 'मानसी '