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विधायकों की जमात बेचैन हो गई

dinesh chauhan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            शेर संग मेमने ने दोस्ती की
        
                                                    
                            
अपनी ही मौत को दावत दी .

पानी घरों के ऊपर क्या चढ़ा
मुखौटों का चलन फिर बढ़ा.

उनके भी शौक कुछ अजीब हैं
नाप हर कदम की कई जरीब है .

इश्तिहारों से सारा शहर पट गया
अपराधियों से हर नेता सट गया.

विधायकों की जमात बेचैन हो गई
मंत्रियों की नई फिर से चेन हो गई.
-दिनेश चौहान
4 घंटे पहले
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