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तुम्हारी आंख का काजल

dinesh chauhan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            तुम्हारी आँख का काजल
        
                                                    
                            
लगा आकाश का बादल
बहाना अश्रु न एक भी
धरा हो जायेगी फिर पागल.
-दिनेश चौहान
2 घंटे पहले
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