नम हो जाती हैं आंखें बारिश के भीगे मौसम में
यादें रह रह कर आतीं, पुरवाई के संग मौसम में
वादों संग रातें उलझी नभ में जब बिजली चमकी
हर बार एक हूक उठी, दिल में मेरे इस मौसम में.
-दिनेश चौहान