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नम हो जाती हैं आंखें

dinesh chauhan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            नम हो जाती हैं आंखें बारिश के भीगे मौसम में
        
                                                    
                            
यादें रह रह कर आतीं, पुरवाई के संग मौसम में
वादों संग रातें उलझी नभ में जब बिजली चमकी
हर बार एक हूक उठी, दिल में मेरे इस मौसम में.
-दिनेश चौहान
2 महीने पहले
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