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लटका हुआ है आदमी

dinesh chauhan

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                            एक सीलिंग फैन सा लटका हुआ है आदमी
        
                                                    
                            
रात दिन बस चल रहा है बेवजह ये आदमी.

गति कभी धीमी हुई, चलते हुए जो रुक गया
एक धक्का फिर मिला और चल पड़ा आदमी.

तेल पानी सर्विसिंग का कोई मौका तब मिला
जब कभी वायरिंग से पूरा जल गया आदमी.

रात दिन चलता रहा गर्म होकर जलता रहा
खुद कभी ठण्डी हवाएँ ले सका ना आदमी.

टंग गया एक बार कोई बन के पंखा आदमी
मौत तक लटका रहा बस एक छत से आदमी.

- दिनेश चौहान
2 महीने पहले
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