लोग कब तक जियेंगे और मरेंगे इस तरह
एक दूसरे का हक मार कर यूँ ही चलेंगे तरह
कोख बिकने लगी पेट बच्चों का भरने के लिए
व्यापार आपस में करेंगे रिश्तों का इस तरह.
-दिनेश चौहान