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काम किया ना एक भी

dinesh chauhan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            चन्दन से लिपटे दिखे सारे यहाँ भुजंग
        
                                                    
                            
सत्ता मद में बेंच दी बाग की सभी सुगन्ध .

आते जाते रह गये गांव में वह हर साल
काम किया ना एक भी रहे बजाते गाल.
-दिनेश चौहान
एक महीने पहले
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