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जेब मवाली हो गई

dinesh chauhan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            त्योहारों ने तोड़ दी सब इच्छाओं की रीढ़
        
                                                    
                            
जेब मवाली हो गई थकी नोट की भीड़.
-दिनेश चौहान
4 घंटे पहले
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