विज्ञापन

यही निपुणता उसे विशिष्ट बनाती है.

dinesh chauhan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            पशुओं में प्रजाति
        
                                                    
                            
मनुष्यों में जाति
विशिष्टताओ को दर्शाती है
कोयल और कौवे का भेद
सिंह और सियार का अन्तर
यही है पहचान का मन्तर
लोग बाघ से डरते हैं
खरगोश पर मरते हैं
सुअर देख दूर भागते हैं
मुर्गे की बांग पर जागते हैं
प्रजाति गुण अवगुण बताती है
जाति भी ऐसा ही अन्तर दिखलाती है
सात्विक राजसिक तामसिक प्रवृत्तियां
अलग अलग जातियां बनाती हैं
बस जातिवादी भावना ही
जातियों को बुरा बनाती है
मानव और मानव में
फर्क करना सिखलाती है.
हर जाति का अपना गुण है
वह उसमें निपुण है
यही निपुणता उसे विशिष्ट बनाती है.
समाज की संरचना को वो भाती है.
-दिनेश चौहान
एक महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all