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हकीकत और होती है

dinesh chauhan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हकीकत और होती है
        
                                                    
                            
जुबां कुछ और कहती है
सियासत आदमी की
जब तकदीर लिखती है
-दिनेशचौहान.
2 महीने पहले
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