बादलों ने समंदर से दोस्ती कर ली
अब बरसेंगे सिर्फ नदियों के लिए ,
लोग कितना भी उन्हें आमन्त्रण दे
गुजर जायेंगे पास से दिखावे के लिए.
-दिनेश चौहान