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जीवन मरण योग.

dinesh chauhan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            तबाही का मंजर
        
                                                    
                            
बारिश का खंजर
गरीब के सीने पर
उतर गया फिर .

दीवार गिर गई
रोटियां दब गईं
भूख उभर आई
आंखें धंस गईं.

खपरैल की बस्ती
टूटी हर गृहस्थी
बाढ़ जम कर आई
जिंदगानी बह गई.

मरे मजदूर की
जेबें तलाशते
कुछ नहीं पाते
बहुत ही गरियाते.

चलते हुए कैमरे
तड़पते मरते लोग
उपदेश देते चलते
जीवन मरण योग.
-दिनेश चौहान
एक महीने पहले
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