पूजना है तो घर की बेटियों को पूजिये
मूर्तियाँ मिट्टी की किसी पोखर में जायेंगी
जगाएंगे दिलों में भक्ति नौ दिन तक फिर
लौटकर फिर जिन्दगी इसी पटरी पर आयेगी.
-दिनेश चौहान