मौसम बारिश का हो और अंकुर ना फूटे मन में
ऐसा भी भला हो सकता है कभी किसी मन में.
उम्र कोई भी हो छोटी या बड़ी कली ना खिले
नामुमकिन है दुनिया में बारिश हो ये सावन की.
-दिनेश चौहान