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गरीबों की इज़्ज़त

Dilshad Ahmad

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            क्या जरूरत है किसी की इज्जत से खेलने की।
        
                                                    
                            
क्या जरूरत है दिखा कर कुछ देने की।
अरे देना ही है तो रात के अंधेरे में तो दो यारों।
दिन में तो फकीर भी फकीरों को दिया करते हैं।

 
3 वर्ष पहले
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