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उनकी याद

Devendra Pant

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मज़ा तो तब आता है जब आती है उनकी याद,
        
                                                    
                            
तन्हाइयों में भी दिल का बाज़ार सज जाता है।

तस्वीर उनकी आँखों के आगे ठहर सी जाती है,
सारे जहान पर एक नया ख़मार सज जाता है।

ग़म की उदास रातें भी रोशन सी लगती हैं,
ख़्यालों में जब उनका वो दीदार सज जाता है।

ग़म का कोई भी साया छू नहीं पाता फिर तो,
'देव' जब उनकी यादों का दरबार सज जाता है।
-देवेन्द्र पंत
3 महीने पहले
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