तुम मिले तो लगा, वक्त ठहर गया है,
दिल ने धीरे से कहा, यही तो मेरा घर गया है।
तुम्हारी हँसी में मेरी सुबह है,
तुम्हारी बातों में मेरी शाम ढली है।
मैंने माँगा नहीं था कुछ खुदा से ज्यादा,
तुम मिले तो लगा, सब कुछ मिला है।
न चाहत है चाँद की, न सितारों की,
तुम पास हो तो रोशनी हजारों की।
रहना यहीं, इसी मोड़ पर,
मेरा दिल अटका है, तुम्हारी ओर पर।