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नहीं चैन आ रहा है

dev chauhan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            दर्द उनका सुनके, नहीं चैन आ रहा है।
        
                                                    
                            
बेचैन है मेरा दिल,पल पल कराह रहा है।

दिल से दिल मिला है,न छुआ है ख्वाब में भी,
हर बार नसीब हमको, बस आजमा रहा है।

हैं झूठा ही मुस्कुराते, वो दर्द छुपाने को ,
लाचार चेहरा सारी,हकीकत बता रहा है।

अश्क हैं मेरे कि, रोके न रुक रहें हैं,
सहलाऊँ उनको जाके,मन उखड़ा जा रहा है।

हो वश में तो दर्द उनका, ताउम्र को चुरा लूँ,
यह खयाल मुझे बेहद, हरपल सता रहा है।

न जाने वो मेरे क्या हैं,पर रब से कम नहीं हैं,
लगता है यही नाता, जनमों से आ रहा है।
-देवेन्द्र सिंह चौहान
2 दिन पहले
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