बेला, चंपा, गुलमेंहदी
मुस्कुराके मुझसे बोली
बादलों की छांव से
की दूर देश गांव से
तेरा सन्देश आया है
ये भंवरों ने बताया है।।
-दीप्ति त्रिपाठी