विज्ञापन

वास्तविकता का अर्थ ( दीपिका द्वारा)

Deepika Singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जीवन की हर बात की ज़ुबानी नहीं होती,
        
                                                    
                            
क्योंकि कुछ क़िस्सों की कहानी नहीं होती।

यूं तो इलाज़ करने बैठे हैं सभी यहाँ,
पर कैसे बताएं उन्हें कि दिले-दर्द की कोई दवाई नहीं होती।
राह ना मिले तो लोग छोड़ देते हैं मंज़िलें ख़्वाहिश,
पर ऐसी कोई मंज़िल नहीं जिसकी राह नहीं होती।

रूठे तो अपने भी हैं हमसे इस जहाँ में,
पर याद रखना कि हर रूठना रुसवाई नहीं होती।

बिछड़ते तो सभी हैं अपनों से पर हर बिछड़न जुदाई नहीं होती।

-: दीपिका सिंह
2 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

RATAN KUMAR

787 कविताएं

View Profile

Ejaz Ahamad

122 कविताएं

View Profile

Ankit Kumar

10819 कविताएं

View Profile