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चाँदनी चौक व्यंजन लजीज

Deepak Narang

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                            चाँदनी चौक व्यंजन लजीज।
        
                                                    
                            
खाए शौंक जो आए अजीज।
चैना राम का चना भठूरा।
खाए बिना स्वाद अधूरा।
पराठा गली ना पराठा भूल।
बर्गर पीजा को चटाएं धूल।
दही मठा और दूध मलाई।
खारी बावली जाए बुलाई।
नटराज का भल्ला दही।
रस की धार जिहवा बही।
आदर्श का मारवाड़ी खाना।
खाने का बनाए बहाना।
गोल गप्पा संग आलू भाजी।
ऊपर हलवा जाए साजी।
मोहन कुल्फी टपकाए लार।
जंग बहादुर कचोरी भरमार।
बब्बू लाला चाट दुकान।
चटम खटाई खाए जुबान।
आइसक्रीम पकौड़ा जो खाए।
स्वाद चरम सीमा छू जाए।

- हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

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