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रात-दिन जागकर खुद को निखारा है

डा बृजेश

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सरकार की चुनौती को स्वीकार कर आया हूँ,
        
                                                    
                            
दोनों टेट की परीक्षाएँ पास कर आया हूँ।

ढलती उम्र में भी हौसला जवान है,
मेहनत और लगन ही मेरी पहचान है।

राहों में काँटों की दीवारें भी आईं,
पर उम्मीदें हर मोड़ पर मुस्कुराईं।

रात-दिन जागकर खुद को निखारा है,
सात दिनों के जुनून ने इतिहास संवारा है।

परिणाम जो भी हो, मुझे खुद पर नाज़ है,
मेरी ज़िद के आगे हर चुनौती बेआवाज़ है।

हार मानना ‘महादेव’ की फितरत में नहीं,
यह जीत किसी भी परिणाम से कम नहीं।
-बृजेश महादेव
 
एक महीने पहले
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