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गीत/देश बड़ा है, याद रहे

Chetan Anand

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अपने हक़ के लिए लड़ो
        
                                                    
                            
पर, देश बड़ा है, याद रहे।
हाँ, विरोध के लिए बढ़ो,
पर, देश बड़ा है, याद रहे।।

क़दम-क़दम पर मुश्किल भी है,
क़दम-क़दम पर धोखे भी,
साँस-साँस में आग लगी है,
साथ लगे हैं सदमे भी,
नफ़रत की दीवार चढ़ो,
पर देश बड़ा है, याद रहे।
अपने हक़ के लिए लड़ो
पर, देश बड़ा है, याद रहे।।

अपने बल पर अपनी राहें,
अपनी मंज़िल पानी है,
लेकिन अपने संघर्षों में,
सच्चाई भी लानी है,
रोज़ नये प्रतिमान गढ़ो,
पर, देश बड़ा है, याद रहे।
अपने हक़ के लिए लड़ो
पर, देश बड़ा है, याद रहे।।

ग़लत बोलने से अच्छा है,
आज ज़ुबाँ ख़ामोश रहे,
अच्छा है अपने मक़सद में,
जोश रहे पर, होश रहे,
अच्छी ज़िद के लिए अड़ो,
पर, देश बड़ा है, याद रहे।
अपने हक़ के लिए लड़ो
पर, देश बड़ा है, याद रहे।।
-चेतन आनंद
एक महीने पहले
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