एक बात बोलूं बाबू,जितना हो सके उतना ही समय आप किताबों में बिताया करों
क्योंकि किताबों के साथ बिताया गया समय कभी व्यर्थ नहीं होतें हैं
क्योंकि जितना समय बिताओगे समझों उतना ही तुम निवेश कर रहें हो
क्योंकि मालूम तो तब पड़ता है इंसान को जब नोकरी का खत आती है हाथ में
-चन्दे पासवान उर्फ