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जब अपने ही घर में चोर

Chande Paswan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जब अपने ही घर में चोर हो तो बाहर से ताला लगाने का कोई मतलब नहीं बनता है साहेब,
        
                                                    
                            
क्योंकि आज कल अपने ही घर वाले को अपने ही घर वालोँ को छलकर उछलता है साहेब,
इस लिए हम बाहर वाले के चोरों के बारे में कभी कुछ सोंच भी नहीं सकतें हैं साहेब
क्योंकि आज कल के लोग अपनों में इतना उलझा हुआ है कि कभी सुलझा नही सकता है साहेब,
क्योंकि बाहर बाला चोर तो चोरी करके भाग जाते हैं साहेब लेकिन हम सिर्फ सोचते रह जातें हैं,
लेकिन घर बाले चोर तो जीवन घर में ही चोरी करतें रहतें हैं लेकिन हम उसको चोर समझ नहीं पातें हैं,
बस इतनी सी बात है साहेब जो हर किसीको समझ में जल्दी नही आता है साहेब,
-चन्दे पासवान 
3 महीने पहले
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