विज्ञापन

भोर का कैमरा

binoy mb

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            रोज़ की तरह,
        
                                                    
                            
आज भी भोर से ही
सूरज ने खोल रखा है
दिन का कैमरा,

धरती के जागते चेहरे पर
रोशनी की रील चलाते हुए।

और पृथ्वी का घूमना
हर पल रच देता है
समय की एक नई तस्वीर,
क्षण-दर-क्षण।
एक महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Manju Sharma

3561 कविताएं

View Profile