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हमे डुबोने का ख्वाब देखते है ।

Basant panwar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मेरे कामों का हिसाब देखते है ,
        
                                                    
                            
साहिल में रहकर सैलाब देखते है ।

जिनको कल हमने तैरना सिखाया था ,
वही हमे डुबोने का ख्वाब देखते है ।
-बसंत पंवार प्रजय 
एक महीने पहले
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