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डर लगता है।

Azad Khan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            ऐसे न मुझको घूरा करो
        
                                                    
                            
तेरी आँखों से डर लगता है,
बस हां हूँ ही कर दिया करो
तेरी बातों से डर लगता है।
लगती हो तुम चांद की तरह
इतना अहसान करो मुझ पर,,
मेरी खिड़की पे आ जाया करो
मुझे रातों से डर लगता है।
 
3 घंटे पहले
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