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कारवां ज़िन्दगी का ...

Avinash Ranjan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कारवां ज़िन्दगी का यूं ही गुजरता रहा,
        
                                                    
                            
राह में कांटे भी मिले कोई शिकवा न था,
मंजिल मिल गई मुझे अब किसी का फ़साना न रहा ।
- अविनाश रंजन -
3 सप्ताह पहले
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