व्यंगिका
उन्होंने
नाथूराम गोंडसे
को राष्ट्रभक्त कहा।
तो एक सिरफिरा
भी राष्ट्र भावना
में बहा।।
उसने गब्बर को
राष्ट्र भक्त कहा।
यह तो
अजीबो गरीब
बात है।
तब तो बगदादी
हमारे लिए
तात है।।
अविनाश ब्यौहार
जबलपुर
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