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क्षणिका

Avinash Beohar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            रिश्तों में कुछ
        
                                                    
                            
हरारत है।
रिश्तेदारी अब
तिजारत है।।
-अविनाश ब्यौहार
3 महीने पहले
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