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"एक नज़र, एक इश्क़"

Asmit gupta

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            तुम्हारी आँख में देखा तो अपना-सा लगा संसार,
        
                                                    
                            
तुम्हारी मुस्कान ने कर दिया मौसम भी गुलज़ार।
कहना था बहुत कुछ, मगर होंठ चुप ही रह गए—
तुम सामने थे, इसलिए ख़ामोश था मेरा प्यार।

तेरे होने से मेरी दुनिया में उजाला कम नहीं,
तू नहीं तो भी तेरी यादों की कोई शाम कम नहीं।
हमने माँगा ही क्या था तुझसे उम्रभर के लिए—
एक तेरा साथ मिल जाता, तो कोई अरमान कम नहीं।
एक महीने पहले
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Manju Sharma

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