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आँखो का समंदर

Ashish Verma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मैं तुम्हारी आंखों में देखु
        
                                                    
                            
इनमें वो बात नहीं
ये समुंद्र सी गहरी नहीं है
ये तों नदी सी उथली है

है मेरी आंखों में भी एक समंदर
तुम उसे देख नहीं सकती
उसमें उतर नहीं सकती
क्योंकि तुम्हारी आंखों से तो दरीया बहता है
मेरी आंखों में तो कई दरीया कैद हैं
2 महीने पहले
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