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राम और रावण सपने में

Ashish Singh Jadon

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            शरद ऋतु का मौसम था.... शरद ऋतु का मौसम था...
        
                                                    
                            
धरती के ऊपर और आसमां के नीचे मेरा भी एक आशियाना था...
और उस समय अच्छे बुरे के बारे में कुछ सोचते हुए मैं सो गया....
और तब मैने भी उसी रात को एक अजीब सा सपना देखा था...
जिसमें सबको अपना अक्स दिखाई देता था,,,
उसमें मुझे कोई कंश दिखाई देता या तो फिर कोई रावण दिखाई देता था...
तब मैं बोला हे भगवान (राम) कोई राम भी है क्या इस दुनिया में ...
तभी ही मेरे मन में एक भयानक तूफान उठा,,,जैसे लगा कि ईश्वर पास ही खड़ा,,,
और उस तूफान में से आवाज आई कि जो तूने देखा है वो तेरे ही दिल या दिमाग का किस्सा है,,,
तूने उन लोगों की बुराई देखी ,, उन लोगों की अच्छाई नहीं,,,बस यही सब लोगों का किस्सा है,,,
जरा अपने दिल को साफ करके देख,,, तुझे वही कंश कृष्ण नजर आएगा,,,
और तुझे वही रावण राम नजर आएगा...
तभी एक भयानक सी बिजली कड़की और मेरी आंख खुल गई और मैने भी सोचा बस ये तो बस एक सपना था,,, एक सपना था,,,
2 घंटे पहले
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