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मन जानता है

Ashish Chaudhari

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            बहुत दूर अब तक रहा बिन तेरे मैं....
        
                                                    
                            
तेरे पास आऊं दिल चाहता है....
प्यार बहुत है हमारा ये बंधन....
ये रिश्ता निभाऊं की दिल चाहता है.....
सांसें तुम्हारी सदा से थी मेरी...
महकती थी उनमे मेरी खुशबू....

बिना कहे ये दिल जानता है....
दिल था तड़पता ये बाहों में तेरी....
था तुमसे लिपटता तो दिल जानता है.....
जब भी हो बारिश की रिमझिम....
ले आती हैं यादें की यादों में रहने को दिल चाहता है....

बरबस ही बारिश के संग गुनगुनाकर.....
तेरे संग गाने को दिल चाहता है......
मेरी सांसे बस तुम्हारे लिए है...
हूँ तेरे लिए बस ये दिल जानता है....
तेरा रंग दुनिया में सबसे जुदा है....

हैं तुझसे मेरा रंग दिल जानता है....
परियों ने दिए है तेरे नैना....
इन्हे चूम लूँ आके दिल चाहता है....
सपने सजाये हैं इनमे बहुत से.....
आके हकीकत बना दो ये दिल चाहता है.......

चलो साथ लेकर मेरा हाथ लेकर....
तेरे साथ चलने को दिलचाहता है.....
साँसों की डोरी से रिश्ता है बाँधा....
निभाऊं मैं इसको ये दिल चाहता है.....

करते रहोगे सदा प्यार मुझसे...
दीवाने हो मेरे ये दिल जानता है....
लाखों है मुश्किल ज़माने में फिर भी...
न बदलोगे तुम ये दिल जानता है......

हमारी भी जोड़ी है हंसो के जैसी....
रहेगी हमेसा सलामत ये दिल जानता है.....
पंछी के जैसे उड़ा मैं तेरे संग....
मेरे पास तू है ये कौन जानता है....
नदियां की कलकल मेरे दिल की हलचल....

है तुझको सब ये समर्पित....
ये दिल जानता है.....
सिमटना मेरा तेरी बाहों में आके...
वो मन की अगन को ये दिल जानता है.....
सूरज की पहली किरण लेके आती...

छवि तेरी मेरी आंखों में की ये दिल जानता है.....
मैं पगला सा तुझको निहारे ही जाता.....
हूँ तेरा दीवना ये दिल जानता है....
आंखे तेरी है बेहद खूबसूरत उनमे डूब जाने को दिल चाहता है....
बालों से तेरे बिखरती जो खुशबू है...

वो बस मेरे लिए है...
ये दिल जानता है.....
रूठोगी तो मनाऊंगा रोयोगी तो हसाउंगा.....
परेशानी में होगी तो सुलझाऊंगा....
हर जन्म में साथ आपका निभाउंगा...
ऐसा सब कुछ कर के जाऊंगा ये दिल जानता है....

प्यार के हर लम्हें से आपकी ज़िंदगी सजाऊंगा....
खुशियों से भर के दामन आपका
आपको इस दुनिया से बहुत दूर ले जाऊंगा......

##Ashish##


- हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

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