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तन्हा अकेला

Asha Singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            फिज़ाएं पुछतीं हैं लब तेरे
        
                                                    
                            
ख़ामोश से क्यूं है।
कहूं कैसे उसे ये दिल बड़ा
तन्हा अकेला है।।
12 घंटे पहले
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