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पता नहीं था

Asha Singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            पता नहीं था सबकुछ बिखर
        
                                                    
                            
जाएगा एक दिन।
ये दिल मोहब्बत से उतर
जाएगा एक दिन।।
वफ़ाएं तो जैसे मेरी नस
नस में बसीं थी।
मालूम न था सबकुछ बदल
जाएगा एक दिन।।
जो वक्त कुलांचे सा भरता
दिखा हमें।
वही वक्त मेरे भीतर ठहर
जाएगा एक दिन।।
चाहने लगेंगे एक दिन हम
यूं अंधेरे को।
रोशनी क़रीब आने से डर
जाएगा एक दिन।।
ख़ुद को संभालें बैठे हैं बड़ी
मुश्किलों से हम।
कहीं लग गई जो ठोकर सब
बिखर जाएगा एक दिन।।
एक दिन पहले
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