विज्ञापन

जीवन संघर्षों का कड़ी मेहनत करके करना हैं सामना

Arvind Kumar Garg

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मैं हूँ मम्मी-पापा की प्यारी परी
        
                                                    
                            
आज तक उनके संरक्षण में ही पली-बढ़ी
हाँ ! बहुत भाता है सिर पर सुरक्षा कवच उनका
पर आभास कराता है अबला, निर्भर,
कमजोर होने का, यह भावनात्मक लगाव उनका
पर मेरा जीवन उद्देश्य है इससे बहुत आगे जाना
नापूँ आकाश की दूरियाँ,बन कर निडर,साहसी पक्षी की तरह
ना कि पतंग की तरह,जब दूसरे के हाथ में हो डोर मेरी
मैं हूँ मम्मी -पापा की प्यारी परी

मम्मी-पापा ना बनाओ निर्बल, भयभीत और कमजोर
अपितु दो युद्धकला और स्वरक्षा की पूरी शिक्षा पर जोर
ताकि बनूँ साहसी, निडर और आत्मनिर्भर
जिसके हाथों में हो शास्त्रों के साथ-साथ अस्त्र और शस्त्र
बनूँ देवी माँ जैसे जिनके हैं अष्ट-हस्त ,
एक में वीणा, गुलाब और त्रिशूल- तलवार भी हो साथ-साथ
मुक्ति, सफलता, स्वतंत्र व्यक्तित्व की बनूँ धनी
मैं हूँ मम्मी -पापा की प्यारी परी

मेरी अपनी भी हो ऐसी कोई पहचान
जिस पर हो सबको मान
मेरे पूरक और प्रेरक बने मेरे जीवन संघर्ष,
आत्म-सुरक्षा और आत्म-सम्मान
मुझे बनना है महारानी लक्ष्मी बाई जैसी
जो बच्चे को भी लेकर रणभूमि में लड़ी
मैं हूँ मम्मी -पापा की प्यारी परी

जीवन संघर्षों का कड़ी मेहनत करके करना हैं सामना
बहुत आगे जाना है, उन्नति के मार्ग पर अग्रसर है होना
जियूँ नहीं होकर माँ-बाप पर आश्रित
अपितु माँ-बाप का नाम मेरे नाम से हो परिभाषित
बनूँ उनकी जीवन रूपी नैय़ा की पतवार
बन कर उनका आश्रय,उनकी छड़ी
मैं हूँ मम्मी-पापा की प्यारी परी
2 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

kalu ram

38 कविताएं

View Profile

Suresh Pal

56 कविताएं

View Profile

Rajeshwari Joshi

612 कविताएं

View Profile

Prasoon Saxena

968 कविताएं

View Profile

Jagdish Prasad

531 कविताएं

View Profile

Ila Makwana

93 कविताएं

View Profile