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कभी उस शख़्स की गर्दन झुकाई जा नहीं सकती।

Arun Sharma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मुहब्बत चीज़ ऐसी है छुपाई जा नहीं सकती,
        
                                                    
                            
भुलाना भी अगर चाहो भुलाई जा नहीं सकती।

मुहब्बत के लिए दिल में नमी होना जरूरी है,
हर इक दिल में तो फ़स्ल इसकी उगाई जा नहीं सकती।

मुहब्बत पाक रूहों की ख़ुदा ने ख़ुद बनाई है,
बनावट के वसीलों से बनाई जा नहीं सकती।

भले रक्खो ज़माने की सभी दौलत तराज़ू में,
मुहब्बत की कभी क़ीमत चुकाई जा नहीं सकती।

इरादे नेक हों जिसके वही इन्सान सच्चा है,
कभी उस शख़्स की गर्दन झुकाई जा नहीं सकती।
- अरुण शर्मा 
एक महीने पहले
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