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जनता की आवाज़

Arun Sharma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            इस मुल्क़ में ये कैसी , सरकार चल रही है,
        
                                                    
                            
बच्चों के इल्म पर ही, तक़रार चल रही है।

सड़कों पे लोग उतरे, सुनता नहीं है कोई,
अब देश की तबीयत, बीमार चल रही है।

किसने जला दी बस्ती, क्यूं घर ये तोड़ डाले,
हालत मेरे शहर की, मिस्मार चल रही है।

हिंदू हो या के मुस्लिम, है जात पात हावी,
अब हर तरफ़ बहस ये, दमदार चल रही है।

मेरे ख़ुदा बता दे, किस तौर बच के निकलें,
जुल्मों सितम की हर सू , बौछार चल रही है।

मझधार में है कश्ती, हिम्मत न फिर भी हारी
हाथों में थाम ली जो,पतवार चल रही है।
-- अरुण शर्मा 
3 महीने पहले
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