विज्ञापन

माँ की ममता

ARNAV CHAUDHARY

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            ममता की मूरत है माँ,
        
                                                    
                            
दुआओं की सूरत है माँ।
दर्द छुपा ले सीने में,
हर सुख की जरूरत है माँ।

चलते-चलते थक जाऊँ जब,
थाम लेती है हाथों को।
हर आँसू को मुस्कान दे,
पढ़ लेती है बातों को।

नहीं चाहिए स्वर्ग मुझे,
बस तू सदा पास रहे।
तेरी गोदी का कोना हो,
और जीवन खास बने।
एक वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all