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जरासंध ,शिशुपाल,कंश के कारण हम

Arjun Prabhat

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            बना द्वारकाधीश नाम का ,क्या पाया?
        
                                                    
                            
लुटासभी सुख चैन,हाथ फिर क्याआया ?

कितना अच्छा था गोकुल का वह जीवन
वृन्दावन, यमुना का तट ,कुसुमित कानन
ग्वाल बाल का संग, और शीतल छाया ।
लुटा सभी सुख चैन,हाथ फिर क्याआया?

छोटा सा जीवन ,छोटे से सपने थे
गोकुल में रहने वाले सब अपने थे
जिस मिट्टी में निर्मित यह सुंदर काया ।
लुटा सभी सुख चैन हाथ फिर क्याआया?

जरासंध ,शिशुपाल,कंश के कारण हम
भूल गए हम बचपन का मोहक आलम
साथ चली संघर्षों की काली छाया ।
लुटा सभी सुख चैन हाथ फिर क्याआया?

वंशी मधुर बजाना अब तो छूट गया
गोकुल से संबंध सहज ही टूट गया
मेघ न करुणा और प्रेम जल बरसाया ।
लुटा सभी सुख चैन हाथ फिर क्याआया?

आस्तीन के सांप यहां तो पलते हैं
रहने वाले साथ सदा ही छलते हैं
नियति नटी ने ध्वंस राग हर पल गाया।
लुटा सभी सुख चैन हाथ फिर क्याआया?
23 घंटे पहले
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