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और हम बंजर हो गए

Archana Prasad

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            और हम बंजर हो गए
        
                                                    
                            

किसी के नजदीकियों के कोशिश को,
रखवाली के ख्यालों से ,पनपने नहीं दिया
स्नेह के अहसास को ,
और वंचित हो गए प्यार के मंजर से

आज्ञा मानते मानते,
खुद के दिमाग को ताक पे रख कर,
तर्क वितर्क त्याग
और वंचित हो गये विरोध के लंगर से

तानें से स्वागत हुआ,
सामान्य बात चीत
असामान्य है ये जता गए
और वंचित हो गये संग संग जीने के संगम से

बच्चों को अथक सिखाया
पर परिवेश कुछ और पाठ पढ़ा गया
फिर जिन मुद्दों पे जद्दोजहद एक से थी
अब वो जमात बन चुकी थी
और वंचित रह गए छोटो के सम्मान से

इस तरह प्यार, तर्क, साथ, सम्मान से रुसवा हो गए
और फिर हम बंजर हो गए
एक महीने पहले
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Manju Sharma

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