दिल्लगी करनी ही जिनकी पहचान रही हो
उनसे दिल क्या लगाया जाये।।
गर्दे गुबार रास्तों की पहचान रहे, तो गुबारे दिल
इन पर क्या निकाला जाये।।
आसान राहें चल, जिंदगी कब जगमगायी, कुछ
शोलों से भी दिल लगाया जाये।।
सुलझाते रहे झूठी बातों से जो जिंदगी ए मुसीबत
सच्ची बातों से उन्हें भी कुछ उलझाया जाये