उत्सव मनाओ
विजय धून गाओ
आज सिंदूरी रंग में
रंगा है मेरा भारत
आज वीर सैनिक
की शौर्य गाथा में
जश्न मना रहा मेरा भारत।
मेरे सैनिक के हाथों में
राखी सज रही है
उसके बहनों की मांग का
सिंदूर अजर अमर बन रहा है।
मांग से भरे सिंदूर में
हर दुल्हन सुंदर दिख रही है
उसकी मीठी मुस्कान से
देश की शान में
मंगल गीत की ध्वनि गूंज रही है।
मेरे वीर सैनिक के
फौलादी हौसलों को
कोई रोक नहीं पाएगा
सिंदूर की तरफ
हर उठाते नजर को वह
धराशायी कर आएगा।
तुम्हारे वीर गाथा में
हर शब्द कम है मेरे वीर सैनिक
धन्य है वह मां
जिसके वीर पुत्र हो तुम
मेरे वीर सैनिक।