विज्ञापन

बताना मतलब मिट्ठू बन जाना...

anurag prasad

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            आता नहीं रुठे को मनाना...
        
                                                    
                            
आता नहीं दुखों को बांटना...
आता नहीं साथ निभाना...
आता नहीं सहारा बनना...
आता नहीं परवाह करना...
आता नहीं हाथ थामना...
आता नहीं बातें मानना...
आता नहीं खुद को झुकाना...
तो फिर तुम्हें क्या आता है ???
आता है खुद को उठाना...
आता है बस भाग जाना...
आता है आंखें चुराना...
आता है चीखना चिल्लाना...
आता है बस गुस्सा दिखाना...
आता है बदसूरती दिखाना...
आता है बस दुखी करना...
आता है रोता छोड़ जाना...
आता है और भी बहुत कुछ...
पर जरुरी नहीं उनको बताना...
बताना मतलब मिट्ठू बन जाना...

 
2 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Rajan

30 कविताएं

View Profile

Dn Chaubey

7450 कविताएं

View Profile