तुझे गीत नदिया की धारा कहूँगा,
चमकता हुआ एक सितारा कहूँगा,
मोहब्बत कभी गीत गाने लगेगी,
तुझे प्यार का मैं किनारा कहूँगा,
तेरी मुस्कुराहट मेरी ज़िंदगी है,
तुझे रूह का हर नज़ारा कहूँगा,
तुझे गीत नदिया की धारा कहूँगा,
चमकता हुआ एक सितारा कहूँगा,
तेरे साथ हर पल महकने लगा हूँ,
तुझे साँस का मैं सहारा कहूँगा,
अगर तू मिले तो मुकम्मल हूँ मैं भी,
तुझे इश्क़ का बस इशारा कहूँगा,
तुझे गीत नदिया की धारा कहूँगा,
चमकता हुआ एक सितारा कहूँगा,
प्रेम तेरी ये चाहत अमानत है मेरी,
तुझे उम्र भर बस मैं हमारा कहूँगा।।
-अनुराग बाजपेई