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जब तुमसे इश्क हुआ

anuradha sharma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जब तुमसे इश्क हुआ
        
                                                    
                            
मेरा रोम रोम हर्षित हो उठा
जैसे अंबर का धरा से मिलन
हो गया

और इस सूनी बगिया में फिर
से चमन खिल गया

और ना चाहते हुए भी मैं
तुम पर ये दिल हार बैठा

और अपना सब कुछ भूल
तुम्हें अपना बना बैठा

सोचता हूं इज़हार ए इश्क़
बयां कैसे करूं

अपने जेहन के अल्फाज़ खोलूं
या आंखों ही आंखों में बयां कर दूं

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4 वर्ष पहले
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Manju Sharma

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